Tuesday

International YOGA day

विश्व योगा दिवस (21 जून )

योग (मिलन ) वह अवस्था है जब मैं  का मैं में मिलन (योग ) होता है। मैं के प्रकार को समझने  के लिए एक बृतांत  को लिखता हूँ। 

एक सज्जन स्वामी रामकृष्ण परमहंस के पास सत्संग के लिए पहुंचे। बातचीत के दौरान उन्होंने प्रश्न किया , महाराज , मुक्ति कब मिलेगी ?

परमहंस जी ने कहा , जब मैं चला जायेगा , तब स्वतः ही मुक्ति की अनुभूति करने लगेंगे।  स्वामी जी ने बताया , मैं 2 तरह का होता है।  एक पक्का मैं और एक कच्चा मैं। 

जो कुछ भी मैं देखता , सुनता या महसूस करता हूँ उसमे कुछ भी मेरा नहीं है , यहाँ तक की यह शरीर भी मेरा नही।  मैं ज्ञानस्वरूप हूँ , यह पक्का मैं है।  

यह मेरा मकान है , यह मेरा पुत्र है , यह मेरी पत्नी है , यह सब सोचना कच्चा मैं है।  

स्वामी जी आगे कहते है , जिस दिन यह दृढ विश्वास हो जायेगा की ईश्वर ही सब कुछ कर रहे है।   , तो समझो जीवन मुक्त हो गया।  

सत्य सरल है। 

मानव उत्थान का मार्ग    क्रिया योग विज्ञान 


 

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